Delhi: दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है. इस कार्रवाई में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से विदेशी बने अत्याधुनिक हथियारों और कारतूसों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है. यह गिरोह पड़ोसी देशों में बैठे अंतरराष्ट्रीय हैंडलरों और सप्लायर्स के संपर्क में थे. ये गुप्त मार्गों और बिचौलियों के जरिए इन हथियारों को सीमाओं के पार भारत लाते थे. उसके बाद ये हथियार देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने संपर्कों तक पहुंचाए जाते थे.
छापेमारी कर दबोचे गिरोह के सदस्य
पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी स्नैचिंग सेल के इंस्पेक्टर मान सिंह के सुपरविजन में इंस्पेक्टर सुंदर गौतम और अन्यों की टीम ने तकनीकी निगरानी से संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले. मुखबिरों की मदद से उनकी मूवमेंट का महीनों तक विश्लेषण किया गया. इसके बाद 13-14 मार्च को पुख्ता सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के सदस्यों राहिल, हाशिम, सैम, सोनू गुप्ता, घनश्याम, वसीम, निशांत, नवाब, नौमान और नौशाद को दबोच लिया गया.
पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत में एंट्री
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी (बुलंदशहर, यूपी निवासी) है. वह पाकिस्तान से हथियार मंगवाता था, जिन्हें नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के जरिए भारत में तस्करी कर लाया जाता था. इन आधुनिक हथियारों की सप्लाई दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के खूंखार अपराधी गिरोहों को की जानी थी.
कई अलग-अलग देशों से लाए गए थे ऑटोमैटिक हथियार
पूरे अभियान में कुल 21 हथियार जब्त किए गए हैं. ये सभी अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियार और पिस्तौलें हैं जो कई अलग-अलग देशों से लाए गए थे. बरामद हथियारों की लिस्ट काफी लंबी है. इनमें चेक गणराज्य की सब-मशीन गन और शैडो सीजेड पिस्तौल, तुर्की की स्टोएगर पिस्तौल, चीन की पीएक्स-3 पिस्तौल, इटली की बेरेटा पिस्तौल, ब्राजील की टॉरस पिस्तौल, जर्मनी की वाल्थर पिस्तौल. इसके अलावा विशेष बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पीएक्स-5.7 पिस्तौल जब्त किये गए है.
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