Delhi: दिल्ली में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने और सस्ती आवास योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने कई बड़े फैसलों की घोषणा की है. इस पहल के तहत न केवल रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, बल्कि प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों में भी अहम बदलाव किए जाएंगे. रेखा गुप्ता ने एक पोस्ट में कहा कि आज का दिन दिल्ली के लाखों लोगों के लिए राहत, सम्मान और अधिकार का नया अध्याय लेकर आया है.
कितनी कॉलोनियों को किया जाएगा नियमित?
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्षों से अनदेखी की जा रही समस्या को अब समाधान मिला है और लाखों परिवारों को अपने ही घर में अधिकार मिलने का रास्ता साफ हुआ है.
सीएम ने इस पहल का श्रेय पीएम नरेंद्र नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि इसी विजन के तहत पीएम उदय योजना को आगे बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1731 में से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
उन्होंने जानकारी दी कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी. तय समयसीमा के तहत 7 दिन में GIS सर्वे, 15 दिन में आवेदन में कमियों को दूर करने की प्रक्रिया और 45 दिन के भीतर कन्वेयंस डीड जारी की जाएगी, ताकि लोगों को बिना देरी उनका हक मिल सके.
छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी
सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक, केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर इस प्रक्रिया में आने वाली 22 बड़ी बाधाओं को खत्म किया है. साथ ही 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी.
उन्होंने कहा कि दिल्ली के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में योजनाबद्ध, हाई-डेंसिटी और मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा.
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