New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से चार दिनों के लिए विदेश दौरे पर जा रहे हैं। इस विदेश यात्रा के दौरान पीएम मोदी मध्य एशिया के दो अहम देश उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हो रहे संघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भी भाग लेने वाले हैं। बता दें कि SCO सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हो सकती है। जानकारी के अनुसार उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान के पहले दो दिन वे उज्बेकिस्तान (29-30 अगस्त) तक रहेंगे। उसके अगले दो दिन किर्गिस्तान (31 अगस्त-1 सितंबर) में उनके कई कार्यक्रम हैं, जहां शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन ( SCO Summit ) में शामिल होना मुख्य मकसद है।
उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान मध्य एशिया के देश हैं और भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक तौर पर इनके साथ मित्रता के खास मायने हैं। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिमी) सिबी जॉर्ज के अनुसार पीएम मोदी की चार दिवसीय मध्य एशिया का दौरा ताशकंद से शुरू हो रहा है।
क्या है SCO संगठन
बता दे कि (SCO) शंघाई सहयोग संगठन की पहचान एक आर्थिक व सुरक्षा समूह के तौर पर की जाती है। इस समूह में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। जो SCO के सदस्य देशों में दुनिया की करीब 40 फीसदी आबादी रहती है। वहीं, ये देश पूरी दुनिया की 20 फीसदी जीडीपी की हिस्सेदारी रखते हैं। SCO की स्थापना साल 2001 में शंघाई, चीन में की गई थी। SCO की स्थापना क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के मकसद से की गई है। इसके अलावा ये संगठन आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ाई लड़ने पर भी जोर देता है।