New Delhi: सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से भेजे गए पांच नामों को मंजूरी दे दी है. जिसमें जस्टिस शील नागू, जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस अरुण पल्ली और वी मोहना शामिल हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पांचों जजों की नियुक्ति पर मुहर लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और 27 मई, 2026 को हुई बैठकों में देश की सर्वोच्च अदालत में 5 नए जजों को नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी, जिन्हें अब राष्ट्रपति ने मंजूर कर लिया है.
राष्ट्रपति ने नियुक्तियों को दी मंजूरी
केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इनमें चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं.
इन जजों की की गई नियुक्ति
- जस्टिस शील नागू (चीफ जस्टिस, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट)
- जस्टिस श्री चंद्रशेखर (चीफ जस्टिस, बॉम्बे हाई कोर्ट)
- जस्टिस संजीव सचदेवा (चीफ जस्टिस, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट)
- जस्टिस अरुण पल्ली (चीफ जस्टिस, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट)
- वी मोहना (वरिष्ठ वकील, सुप्रीम कोर्ट)
सुप्रीम कोर्ट की संख्या 37 तक पहुंचेगी
अब पांच नए न्यायाधीशों के शामिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल न्यायाधीशों की संख्या 37 हो जाएगी. इसका मतलब है कि स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद ही रिक्त रहेगा. कुल न्यायाधीशों की संख्या में मुख्य न्यायाधीश को नहीं जोड़ा जाता, इसलिए अध्यादेश में ‘सुप्रीम कोर्ट में अब कुल जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37’ किया गया.
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