Farming Tips: भीषण गर्मी और तेज लू का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है. खासकर हरी सब्जियां गर्म हवाओं की चपेट में आकर झुलस रही हैं. कई जगहों पर पौधों की पत्तियां पीली होकर सूखने लगी हैं. इस कड़कड़ाती धूप का सबसे ज्यादा बुरा असर लौकी, तोरई, कद्दू और करेले जैसी बेलदार फसलों पर देखने को मिल रहा है. मई और जून के महीनों में पड़ने वाली रिकॉर्डतोड़ गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों को भी बेहाल कर दिया है.
सब्जियों को तेज धूप और लू से बचाने के उपाय
1. सिंचाई का सही समय
तेज धूप में पौधों में पानी देने से बचें. हमेशा सुबह जल्दी (सूर्योदय से पहले या 8 बजे तक) या शाम को (सूरज ढलने के बाद) सिंचाई करें, ताकि पौधों की जड़ें नमी सोख सकें.
2. मल्चिंग (Mulching) करें
गर्मी के दिनों में मिट्टी जल्दी सूख जाती है. पौधों की जड़ों के पास सूखी पत्तियों, पुआल, या लकड़ी के बुरादे की एक मोटी परत बिछा दें. इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और जड़े गर्म नहीं होतीं.
3. शेड नेट (Green Net) का प्रयोग
लगातार 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने पर पत्ते झुलसने लगते हैं. छोटे पौधों और बेल वाली सब्जियों (जैसे- खीरा, लौकी, तोरई) की क्यारियों के ऊपर 50% शेड नेट या हल्की जालीदार चादर लगा दें.
4. जैविक और पोषक तत्वों का स्प्रे
पौधों को हीट-स्ट्रेस (तनाव) से उबारने के लिए शाम के समय ‘सीवीड एक्सट्रैक्ट’ (Seaweed Extract) का स्प्रे कर सकते हैं. इससे पौधों को गर्मी सहन करने की ताकत मिलती है और फूल झड़ने की समस्या कम होती है.
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