स्ट्रेस और एंजायटी को दूर रखने में के लिए जरूरी है मैग्नीशियम, शरीर में कमी होने से हो सकती हैं ये दिक्कतें

Health care: शरीर को फिट रखने के लिए विटामिन और मिनरल जरूरी हैं। यह कई शारीरिक कार्यों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाता है. पत्तेदार सब्जियों से लेकर नट्स तक यह कई फूड्स में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है. यह मिनरल इन दिनों सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रियता हासिल कर रहा है. मैग्नीशियम सप्लीमेंट की मांग पहले से कहीं बहुत ज्यादा बढ़ गई है. इसलिए खाने में मैग्नीशियम वाली चीजें जरूर शामिल करनी चाहिए। खासतौर से 35 से 40 की उम्र में जब शरीर में पोषण की कमी होने लगती है तो मैग्नीशियम बैलेंस पर जरूर ध्यान देना चाहिए। 

मैग्नीशियम की कमी के लक्षण

सिर दर्द- मैग्नीशियम की कमी होने पर सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। क्योंकि मैग्नीशियम मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को फैलाने के लिए जरूरी है। इसकी कमी से दिमाग में खून ठीक से नहीं पहुंच पाता है। इससे न्यूरोट्रांसमीटर गतिविधि और ब्लड सर्कुलेशन बाधित होता है। जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है। 

नींद की समस्या- जब शरीर में मैग्नीशियम कम होने लगता है तो इससे नींद भी प्रभावित होती है। नींद के लिए जरूरी न्यूरोट्रांसमीटर को कंट्रोल करने में मैग्नीशियम मदद करता है। यह तंत्रिका गतिविधि को धीमा कर देता है, जिससे शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। इससे मेलाटोनिन हार्मोन भी कंट्रोल रहते हैं। जिससे नींद में सुधार आता है। 

मांसपेशियों में ऐंठन- शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। ये काफी आम लक्षण है, जिसे लोग नजरअंदाज कर बैठते हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों में कैल्शियम के प्रवाह को नियंत्रित करके मांसपेशियों के संकुचन और रिलेक्सेशन को कंट्रोल करता है। लो मैग्नीशियम से मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। इससे इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और कैल्शियम का संतुलन बिगड़ता है।

थकान और कमजोरी- अगर आप दिनभर थका-थका महसूस करते हैं तो इसकी एक वजन शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। मैग्नीशियम शरीर में ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी है। ये खाने को उपयोगी ऊर्जा (एटीपी) में बदलता है और शरीर को एनर्जी देता है। इसलिए जब मैग्नीशियम कम होने लगता है तो इंसान थकान महसूस करता है।

चिंता और अवसाद- तंत्रिका तंत्र को नियंत्रित करने और मस्तिष्क के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए मैग्नीशियम जरूरी है। यह सेरोटोनिन और GABA सहित उन न्यूरोट्रांसमीटरों के रेगुलेशन में मदद करता है जो आपकी चिंता या शांति के स्तर को प्रभावित करते हैं। मैग्नीशियम की कमी से मनोदशा में बदलाव, बिना कारण का तनाव, चिंता या अवसाद के लक्षण भी हो सकते हैं। 

मैग्नीशियम संतुलन के लिए मुख्य उपाय

पौष्टिक आहार शामिल करें: मैग्नीशियम की कमी पूरी करने के लिए कद्दू के बीज, पालक, काजू, बादाम, मूंगफली, फलीदार सब्जियां (सोयाबीन, राजमा, मटर) और साबुत अनाज का सेवन करें।

दैनिक आवश्यकता: आमतौर पर महिलाओं के लिए प्रतिदिन 320 मिलीग्राम और पुरुषों के लिए 420 मिलीग्राम मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है।

सप्लीमेंट्स का उपयोग: यदि भोजन से मैग्नीशियम नहीं मिल पा रहा है, तो मैग्नीशियम ग्लाइसिनेट या साइट्रेट जैसे सप्लीमेंट, विशेषकर सोने से पहले लेना बेहतर हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही शुरू करें।

जीवनशैली में सुधार: 35-40 वर्ष की आयु के बाद मैग्नीशियम की कमी अधिक हो सकती है, इसलिए इस उम्र में सही खान-पान पर विशेष ध्यान दें।

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