Health care: आज के समय में लोग करियर को प्राथमिकता देते हुए अक्सर लंबे समय तक काम करते हैं। लंबे समय तक काम करने से सफलता तो मिल सकती है लेकिन इसकी कीमत आपकी सेहत को चुकानी पड़ सकती है अच्छी सेहत के लिए काम के साथ-साथ पूरा आराम भी जरूरी है।
लंबे समय तक काम करने से न सिर्फ कार्यक्षमता पर बुरा असर होता है बल्कि दीर्घकालिक रूप से ये सेहत को भी प्रभावित करने वाली स्थिति हो सकती है। लोगों को अपने शरीर की आवाज सुननी चाहिए और यह पहचानना चाहिए कि उन्हें कब आराम की जरूरत है? लंबे वक्त तक काम करने से थकान होने के साथ ही कार्यक्षमता और उत्पादकत भी कम हो सकती है।
ज़्यादा काम करने से अन्य कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?
बीमारियों की लिस्ट सिर्फ हार्ट डिजीज और स्ट्रोक तक ही समिति नहीं है। ज़्यादा काम करने से आपकी नींद खराब होती है साथ ही आपको हर समय थकान महसूह होता है। काम का बहुत ज़्यादा तनाव लेने से आपको एंग्जायटी और डिप्रेशन का भी सामना करना पड़ सकता है। काम का प्रेशर आपका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा सकता है। साथ ही प्रोडक्टिविटी और ध्यान लगाने की क्षमता में भी कमी आती है।
क्या हैं सुझाव?
जब संभव हो, तो हफ़्ते में 35-40 घंटे काम करने का लक्ष्य रखें। हफ़्ते में 55 घंटे से ज़्यादा काम करने की आदत न डालें। प्रति सप्ताह 42-48 घंटे काम करना अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए इष्टतम माना जाता है। यानी कि रोजाना में 7-8 घंटे काम करना ठीक है।
काम के बीच-बीच में थोड़ा हिलने-डुलने या ब्रेक लेने का ध्यान रखें। पूरी नींद (7-9 घंटे) लें। नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें। हर हफ़्ते कम से कम एक दिन रिकवरी और निजी जीवन के लिए रखें। एक लंबे और प्रोडक्टिव करियर के लिए अपनी सेहत का ध्यान रखना सबसे अच्छे निवेशों में से एक है।
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