Health tips: शराब एक अवसादक पदार्थ है. यह मस्तिष्क की गतिविधि को धीमा कर देती है, जिससे स्मृति हानि, मांसपेशियों के समन्वय में गड़बड़ी और प्रतिक्रिया समय में देरी होती है. अत्यधिक सेवन से बेहोशी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है – मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली स्मृतिलोप की अवस्था, जिससे भ्रम, स्मृति हानि और मस्तिष्क क्षति की संभावना हो सकती है. शराब के निरंतर सेवन से मस्तिष्क के कई हिस्सों में शारीरिक संकुचन होता है, साथ ही शरीर को शारीरिक क्षति भी पहुँचती है – विशेष रूप से हृदय और यकृत को. डॉक्टर अत्यधिक शराब के सेवन से मस्तिष्क को होने वाली क्षति को “शराब से संबंधित संज्ञानात्मक हानि” कहते हैं.
शराब छोड़ने के बाद होने वाले मुख्य प्रभाव
1. शुरुआती कुछ दिन (24 से 72 घंटे)
शराब छोड़ने के 24 से 72 घंटे काफी मुश्किल भरे होते हैं. क्योंकि इस वक्त शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल रहे होते हैं. इसे विड्रॉल फेज कहते हैं. शुरुआती दिनों में आपको घबराहट, चिड़चिड़ापन और नींद की कमी महसूस हो सकती है. इसके अलावा हाथों में कंपन, पसीना आना, सिरदर्द और जी मिचलाना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं.
2. पहला हफ्ता (7 दिन बाद)
शराब छोड़ने के 7 दिनों के भीतक दिमाग और शरीर दोनों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं. स्थिति सुधरने लगती है. 7 दिनों में आपको बेहतर नींद आती है. एक हफ्ते बाद आप ज्यादा गहरी और ताज़ा नींद लेने लगते हैं. इसके अलावा आपकी त्वचा बेहतर दिखने लगती है और आंखों के नीचे के काले घेरे कम होने लगेंगे.
3. दो से चार हफ्ते बाद
लिवर में जमा अतिरिक्त फैट कम होने लगता है. यदि लिवर को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, तो वह खुद को रिपेयर करना शुरू कर देता है. शराब में ‘कैलोरीज’ होती हैं. इसे छोड़ने से पेट की चर्बी कम होती है और पाचन तंत्र बेहतर होता है. दिमाग भी सही तरीके से काम करता है. इससे ‘ब्रेन फॉग’ खत्म होने लगता है. आपकी एकाग्रता और याददाश्त में सुधार आता है.
4. एक से तीन महीने बाद
शराब छोड़ने से 1 से 3 महीने में आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते. हाई ब्लड प्रेशर के स्तर में कमी आती है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है.
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