Sikkim: पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में गुरुवार को दो भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में लोगों में दहशत फैल गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार पहला भूकंप ग्यालशिंग जिले के यूक्सोम से 4 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में केंद्रित था. यह झटका काफी तेज था. दूसरा भूकंप मंगन जिले में केंद्रित था, जो गंगटोक से 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था. यह झटका पहले की तुलना में कम तीव्र था. दोनों भूकंपों का केंद्र सतह से 10 किलोमीटर नीचे था, लेकिन अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं आई है.
डर के मारे सड़कों पर पहुंच गए लोग
भूकंप की वजह से लोग घरों से बाहर निकल आए और कई जगहों पर लोग डर के मारे चीखते हुए सड़कों पर पहुंच गए. पहला भूकंप सुबह 11:24 बजे आया, जिसकी तीव्रता 4.6 थी. यह झटका काफी तेज था और गंगटोक, नामची, मंगन और पेलिंग जैसे इलाकों में भी महसूस किया गया. दूसरा झटका दोपहर 12:17 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.5 थी. यह झटका पहले की तुलना में कम तीव्र था, लेकिन लगातार दो झटकों से लोगों का डर और बढ़ गया.
भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है सिक्किम
बता दें कि सिक्किम भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है, क्योंकि यह हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा है. यहां इंडियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स की टक्कर होती रहती है. राज्य में पहले भी कई बार मध्यम तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं.
भूकंप आने की स्थिति में क्या करें?
- ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन: झटका महसूस होते ही जमीन पर लेट जाएं, मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें और सिर को हाथों से ढकें. झटका रुकने तक वैसे ही रहें.
- खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें: कांच या गिरने वाली चीजों से बचें जिससे आपको चोट लगने का खतरा कम हो जाए.
- बाहर न भागें: इमारत से बाहर भागने की कोशिश न करें, क्योंकि बाहर गिरने का खतरा होता है.
- बिजली और गैस बंद करें: अगर संभव हो, तो भूकंप के बाद गैस और बिजली बंद कर दें ताकि आग न लगे.
- सुनामी की चेतावनी पर ध्यान दें: तटीय इलाकों में सुनामी की आशंका हो तो ऊंची जगह पर जाएं.
- आपातकालीन किट तैयार रखें: पानी, दवाइयां, टॉर्च और जरूरी सामान हमेशा तैयार रखें.
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