Amarnath yatra 2026: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के अनंतनाग पहलगाम में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसे लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यात्रा प्रबंधन के लिए एक व्यापक और हाइब्रिड प्लानिंग अप्रोच की आवश्यकता है जिसमें परिचालन संबंधी किसी भी कमी के लिए जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी। उन्होंने खराब मौसम में लोगों को सुरक्षित निकालने के कड़े नियम बनाने और संवेदनशील जगह माउंटेन रिस्पॉन्स टीमों को तैनात करने के निर्देश दिए।
चोक सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एलजी ने भीड़ का रियल-टाइम एनालिसिस करने के निर्देश दिए। कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों के लिए (चोक पॉइंट्स) की पहचान कर खाली कराए जाएं। इसके साथ ही रास्तों पर जाम की स्थिति से बचनेके लिए आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति और एक मजबूत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान और निर्धारित पार्किंग जोन कड़ाई से लागू किए जाएंगे।
आसमान से जमीन तक पहरा प्रोजेक्ट हॉक आई
जानकारी के मुताबिक अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अनंतनाग पुलिस ने प्रोजेक्ट हॉक आई नाम से एक बड़ी सुरक्षा पहल शुरू की है। इस नए सुरक्षा तंत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक और रणनीतिक जनशक्ति के बेहतरीन तालमेल से यात्रा मार्ग पर चौबीसों घंटे नजर रखना है। इसके तहत आसमान से लेकर जमीन तक 360 डिग्री का सुरक्षा का एक ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया गया है जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। हवाई निगरानी के लिए पुलिस ने मार्ग पर पांच ड्रोन डिटैचमेंट तैनात किए हैं, जो रीयल-टाइम डेटा देंगे।
जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण पॉइंट पर 28 ऊंचे मचान मोर्चे (ऑब्जर्वेशन पोस्ट) बनाए गए हैं। जो किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए 22 प्रशिक्षित स्नाइपर टीमें तैनात हैं। बता दे कि डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यात्रा मार्ग पर 416 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस हैं जो संदिग्धों और असामाजिक तत्वों की तुरंत पहचान करेंगे।