MP News: मध्यप्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में सरकार ने गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है. सरदार सरोवर बांध परियोजना के विस्थापितों के जमीन के पट्टों की रजिस्ट्री का भुगतान अब राज्य सरकार खुद करेगी. इस फैसले के बाद राज्य सरकार पर करीब 600 करोड़ का अतिरिक्त भार आएगा. इससे 25 हजार 602 आदिवासी पट्टाधारियों को लाभ मिलेगा. किसानों के लिए शुरू कि गई भावांतर योजना के लिए 1500 करोड़ रुपए मंजूर किए गए. वहीं 620 करोड़ रुपए दो सिंचाई परियोजनाओं पर खर्च किए जाने को लेकर मंजूरी दी गई. इसके अलावा मोहन कैबिनेट में कई अहम फैसलों पर सरकार ने मुहर लगा दी है.
मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिले में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है. इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 किसान लाभान्वित होंगे.
कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 किसान लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी.
इन 10 योजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति
वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये
श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये
योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रुपये
पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना
पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन
पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये
महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये
पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई.
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