UP News: आगरा में अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश बांग्लादेश डिपोर्ट किया जा रहा है. ये सभी बिना वैध दस्तावेजों के आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में रह रहे थे. आगरा न्यायालय ने सभी को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई थी, जो अब पूर्ण हो चुकी है. सजा पूरी होने के बाद न्यायालय के आदेश पर इन्हें रिहा कर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है. इन 38 बांग्लादेशी नागरिकों में 23 पुरुष, 15 महिलाएं और करीब 10 नाबालिग शामिल हैं.
कोर्ट से जारी हुआ आदेश
कोर्ट से सजा पूरी होने के बाद इन आरोपितों की रिहाई के आदेश जारी हो चुके हैं. नियमों के अनुसार सजा पूरी होने के बाद विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा जाना जरूरी होता है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि इन्हें डिपोर्ट नहीं किया गया तो ये दूसरे जिलों में जाकर फिर से अवैध रूप से रहने लगेंगे.
बीएसएफ को दी जानकारी
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को लेकर आगरा पुलिस ने पहले ही बीएसएफ से समन्वय कर लिया है. गुरुवार को एलआईयू की एक टीम जिला जेल पहुंचकर संबंधित जानकारियां जुटा चुकी है. पुलिस के मुताबिक जिला जेल में 23 पुरुष और सात महिलाएं बंद हैं, जबकि शेष नाबालिग आश्रय गृह में रह रहे हैं.
बांग्लादेशी एजेंसी को भी सूचना
पुलिस प्रशासन का कहना है कि बीएसएफ अधिकारियों ने डिपोर्टेशन की सूचना बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही दे दी है. इससे पहले भी आगरा से कई बार बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश डिपोर्ट किया जा चुका है. इस बार भी पूरी प्रक्रिया तय मानकों और सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरी की जाएगी.
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