Uttar Pradesh: विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी सिद्धपीठ मंदिर के गर्भगृह में किसी भी व्यक्ति द्वारा फोटो खींचने अथवा वीडियो बनाने पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने इस बाबत निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी इलेक्ट्रॉनिक अथवा प्रसारण माध्यम से फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग, वेबकास्टिंग, आडियो रिकॉर्डिंग सृजन, संग्रहण, प्रसारण अथवा प्रसारित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति को फोटो खींचते हुए मिला तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार मंदिर की धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, अभिलेखीकरण व अधिकृत जनसूचना प्रसारण के लिए केवल आरती अवधि में अनुमति लेकर रिकॉर्डिंग कर सकेंगे। मां विंध्यवासिनी मंदिर में प्रतिदिन तथा नवरात्र, अमावस्या, पूर्णिमा, प्रमुख पर्व, विशेष अवसर, पूजन व धार्मिक अनुष्ठान के लिए लोग दूर-दूराज से आते हैं।
मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह, संवेदनशील धार्मिक परिसर में अनधिकृत रूप से मोबाइल फोन, कैमरा, वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण आदि से फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव प्रसारण, वेबकास्टिंग व आडियो रिकॉर्डिंग करने से मंदिर की धार्मिक गरिमा, आध्यात्मिक पवित्रता, श्रद्धालुओें की निजता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रतिदिन आरती की वीडियो के लिए प्राधिकृत देंगे अनुमति
विंध्याचल में केवल आरती अवधि में या सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के बाद रिकॉर्डिंग कर सकेंगे। जिला सूचना अधिकारी अथवा नामित प्रतिनिधि, पंडा समाज के प्रतिनिधि, मंदिर प्रशासन द्वारा नामित अधिकृत दस्तावेजीकरण अथवा मीडिया प्रतिनिधि वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कर सकेंगे।
यह माना जाएगा उल्लंघन
बिना सक्षम अनुमति के फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी करना, इंटरनेट मीडिया (यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स) आदि डिजिटल मंच पर लाइव प्रसारण, गर्भगृह अथवा प्रतिबंधित क्षेत्र की रिकॉर्डिंग या व्यावसायिक प्रचार में प्रयोग करना व प्रशासनिक अधिकारियों या सुरक्षा कर्मियों के निर्देश की अवहेलना करना उल्लंघन माना जाएगा।