Lord Shiva: देशभर में भगवान शिव को समर्पित कई मंदिर हैं, जो किसी न किस रहस्य की वजह से प्रसिद्ध हैं. इन्हीं मंदिरों में छत्तीसगढ़ का भूतेश्वर नाथ मंदिर भी शामिल है. घने जंगलों के बीच मंदिर बेहद अद्भुत और चमत्कारिक है. यहां स्थापित शिवलिंग प्राकृतिक माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस शिवलिंग का आकार हर साल बढ़ रहा है. ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इस मंदिर के रहस्य के बारे में.
प्रकृति निर्मित है शिवलिंग
बताया जाता है कि इस शिवलिंग को किसी ने बनाया नहीं है, यह प्रकृति निर्मित है. बताया जाता है कि इसकी ऊंचाई को हर साल नापी जाती है. जबकि स्थानीय लोग बताते हैं कि इस शिवलिंग का आकार पहले बहुत छोटा था लेकिन कुछ साल बाद उसकी लंबाई और गोलाकार में बदलाव होने इस शिवलिंग का आकार अब लगभग 70 से 80 फीट ऊंचा हो चुका है.
इसलिए पड़ा भूतेश्वर नाम
सावन के महीने में यहां दूर दूर से भगवान शिव के भक्त उनकी अराधना करने पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भूतेश्वर महादेव एक छोटे टीले के रूप में थे. धीरे-धीरे इनका आकार बढ़ता गया और इनके आकार में बदलाव आज भी जारी है. शिवलिंग में प्रकृति प्रदत जललहरी भी दिखाई देती है जो धीरे-धीरे जमीन के ऊपर आती दिखाई दे रही है. इसलिए इसे भूतेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भूतेश्वर नाथ मंदिर में महादेव के दर्शन करने से भक्त के जीवन में आने वाले सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं.
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