Navratri Kanya Puja 2025: इन चीजों के दान के बिना अधूरा माना जाता है कन्या पूजन, जानिए क्‍या है शुभ मुहूर्त और मंत्र

Navratri 2025: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र का पर्व बेहद ही शुभ माना जाता है. इस पर्व के महत्वपूर्ण अनुष्ठान में से एक कन्या पूजन है, जिसे कुमारी व कंजक पूजा के नाम से भी जाना जाता है. आमतौर पर यह अष्टमी या नवमी के मौके पर आयोजित किया जाता है.

वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस साल कन्या पूजा 5 अप्रैल को मनाया जाएगा. कहा जाता है कि कन्‍या पूजन के दौरान बाद मां दुर्गा के नाम से कुछ विशेष चीजों का दान अवश्य करना चाहिए, तभी कन्या पूजन पूर्ण माना जाता है, ऐसे में चलिए जानते है कि वो कौन कौन सी चीजें है…

कन्या पूजन के बाद करें ये दान 

मान्यता है कि कन्या पूजन के बाद श्रृंगार की सामग्री, लाल वस्त्र, अन्न, धन और चांदी के सिक्का आदि का दान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है. ऐसा करने से घर में बरकत बनी रहती है और घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती है.

कब है अष्टमी-नवमी?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार 4 अप्रैल को रात 08 बजकर 12 मिनट पर अष्टमी तिथि की शुरुआत हो रही है, जो अगले दिन यानी 5 अप्रैल को शाम 7 बजकर 26 मिनट पर खत्म हो जाएगी. अष्टमी के बाद नवमी तिथि की शुरुआत होगी, जो 6 अप्रैल को शाम 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगी. इस तरह से चैत्र अष्टमी 5 अप्रैल और रामनवमी 6 अप्रैल को होगी. कहा जाता है कि नवरात्रि के नौ दिनों का व्रत बिना कंजक पूजन के अधूरा होता है. ऐसे में अष्टमी-नवमी के दिन कन्या पूजन का आयोजन अवश्य करें, जिससे आपको इसका संपूर्ण फल मिलेगा.  

कन्या पूजा का मंत्र 
  • ॐ श्री दुं दुर्गायै नमः ।।
  • ॐ श्री कुमार्यै नमः ।।
  • या देवी सर्वभू‍तेषु ‘कन्या ‘ रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

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