पीएम मोदी ने दी देशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं, साझा किया भगवान धन्वन्तरि का खास संस्कृत श्लोक

New Delhi: देशभर में आज धनतेरस का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं दी हैं, उन्होंने भगवान धन्वन्तरि को नमन करते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की, प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के साथ भगवान धन्वन्तरि की स्तुति से जुड़ा एक विशेष संस्कृत श्लोक भी साझा किया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को बधाई देते हुए कामना की कि भगवान धन्वन्तरि की कृपा हर व्यक्ति और परिवार पर बनी रहे, उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि सभी देशवासियों का जीवन सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य से रोशन रहे, साथ ही हर घर में खुशियों, उमंग और आनंद का दीप हमेशा जलता रहे,

पीएम मोदी ने साझा किया भगवान धन्वन्तरि का विशेष श्लोक

धनतेरस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामनाएं देने के साथ भगवान धन्वन्तरि की महिमा से जुड़ा एक प्राचीन संस्कृत श्लोक भी साझा किया. यह श्लोक इस प्रकार है।

इस श्लोक का अर्थ है कि भगवान धन्वन्तरि आदिदेव हैं और देवता-असुर भी उनके चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं, धार्मिक मान्यता के अनुसार, वे संसार से बुढ़ापा, बीमारी, भय और मृत्यु के कष्टों को दूर करने वाले हैं, उन्हें विभिन्न औषधियों का दाता और समस्त औषधियों का स्वामी भी माना जाता है, इस श्लोक के माध्यम से भगवान धन्वन्तरि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की प्रार्थना की जाती है।

 “नमामि धन्वन्तरिमादिदेवं सुरासुरैर्वन्दितपादपद्मम्. लोके जरारुग्भयमृत्युनाशं दातारमीशं विविधौषधीनाम्॥”

धनतेरस पर क्यों होती है भगवान धन्वन्तरि की पूजा

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस का महत्व केवल धन और खरीदारी तक सीमित नहीं है, इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना भी विशेष रूप से की जाती है, धार्मिक परंपरा के अनुसार, भगवान धन्वन्तरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है, इसी वजह से धनतेरस को धनत्रयोदशी के साथ-साथ धन्वन्तरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

धनतेरस पर भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से परिवार में अच्छी सेहत, सुख और खुशहाली बनी रहती है, इस दिन लोग अपने और अपने प्रियजनों के निरोगी जीवन की कामना करते हैं, आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक और इस चिकित्सा पद्धति में आस्था रखने वाले लोग भी विशेष रूप से भगवान धन्वन्तरि का स्मरण करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *