उद्धव ठाकरे के 4 नए पार्षद लापता, खंगाले जा रहे CCTV और कॉल रिकॉर्ड

Maharashtra: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम क्षेत्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के चार नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटर अचानक लापता हो गए. इस घटना के सामने आने के बाद पार्टी और समर्थकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. जिसके बाद सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है, साथ ही लापता कॉर्पोरेटरों की तलाश के लिए तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?

उद्धव ठाकरे गुट के 11 में से 4 नवनिर्वाचित पार्षद 16 जनवरी के बाद से संपर्क से बाहर हैं. पार्टी का दावा है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के अगले ही दिन से ये पार्षद नॉट-रीचेबल हैं. कई दिनों तक इंतजार और आंतरिक स्तर पर संपर्क की कोशिशें नाकाम रहने के बाद अब इसे सुरक्षा और सियासी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है. शिवसेना (UBT) ने पुलिस पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले को गंभीर बताया है.

कौन हैं लापता पार्षद?

लापता बताए जा रहे पार्षदों में मधुर म्हात्रे, कीर्ती ढोणे, राहुल कोट और स्वप्नील केणे शामिल हैं. ये सभी हाल ही में हुए KDMC चुनाव में शिवसेना (UBT) के टिकट पर जीतकर आए थे. जानकारी के अनुसार पिछले 10 दिनों से न तो इनके मोबाइल फोन चालू हैं और न ही ये अपने घरों पर मौजूद हैं.

पार्टी नेताओं का कहना है कि इन पार्षदों से फोन कॉल, मैसेज और व्हिप के जरिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन हर प्रयास विफल रहा. खासतौर पर कल्याण पूर्व के दो पार्षद मधुर म्हात्रे और एडवोकेट कीर्ती ढोणे चुनाव नतीजों के तुरंत बाद से ही लापता हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है.

CCTV और कॉल रिकॉर्ड की जांच

पुलिस की टीम इलाके के विभिन्न CCTV फुटेज की जांच कर रही है, ताकि पार्षदों की आखिरी लोकेशन का पता लगाया जा सके. इसके साथ ही उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी बारीकी से जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

सुरक्षा और राजनीतिक प्रभाव

इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को जन्म दे दिया है. शिवसेना (UBT) के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर आक्रोश और चिंता देखी जा रही है. पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य पार्षदों को जल्द सुरक्षित ढूंढ निकालना है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.

इसे भी पढ़ें:-दिल्ली-NCR समेत 9 राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *