कालसर्प दोष के निवारण के लिए नाग पंचमी के दिन करे ये खास उपाय

Religion: सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने की परंपरा है। इस साल नाग पंचमी 17 अगस्त को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से कालसर्प दोष से परेशान लोगों के लिए शुभ माने जाते हैं।

क्या है कालसर्प दोष?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालसर्प दोष के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में बार-बार रुकावटें, मानसिक तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव आते हैं। ऐसे में नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से कालर्सप दोष का प्रभाव कम होता है।

चांदी के नाग-नागिन

सनातन धर्म के अनुसार, नाग पंचमी के दिन चांदी या तांबे से बने नाग-नागिन के जोड़े की पूजा की जा सकती है। इनका अभिषेक जल और कच्चे दूध से करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्रप्ती होती है। इसके बाद नाग-नागिन के जोड़े को बहते जल में प्रवाहित करने से कालसर्प दोष से संबंधित परेशानियां शांत करने में मदद मिलती है।

राहु-केतु के अशुभ प्रभाव

इस दिन शिव जी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। तांबे के लोटे में जल, थोड़ा कच्चा दूध, काले तिल और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। अभिषेक के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत के लिए यह उपाय प्रभावी माना गया है।

रुद्राक्ष और मोर पंख

कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों के लिए 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की मान्यता भी है। वहीं, घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर मोर पंख रखना शुभ माना जाता है। मोर को नाग का शत्रु माना गया है। मान्यता है कि मोर पंख राहु से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकता है।

नाग स्तोत्र का करें पाठ

नाग पंचमी के दिन श्री नवनाग स्तोत्र का 11 बार पाठ करें। पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को काले उड़द, काले तिल, नीले वस्त्र और दक्षिणा दान करें। मान्यता है कि इससे बाधाएं दूर करने और रुके हुए कामों में गति आने की प्रार्थना की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *