Health care: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन सबसे आम है. अक्सर लोग इसे साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है. सही जानकारी और समय पर सावधानी से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे हाइपरटेंशन के मुख्य कारण और उनसे बचाव के व्यावहारिक तरीके.
हाइपरटेंशन वह अवस्था है जब रक्तचाप सामान्य स्तर से लगातार ऊपर बना रहता है. यह स्थिति धीरे-धीरे दिल, किडनी, दिमाग और आंखों पर नकारात्मक असर डाल सकती है. समस्या यह है कि कई बार इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे “साइलेंट कंडीशन” भी कहा जाता है.
ब्लड प्रेशर पर पड़ता है असर- बर्नआउट सिंड्रोम से न केवल चिड़चिड़ापन, एंगर, हर वक्त थकान, शुगर, मसल पेन ट्रिगर होने लगता है बल्कि ब्लड प्रेशर भी काफी ज्यादा बिगड़ जाता है. ब्लड प्रेशर से पहले बर्नआउट सिंड्रोम से बचने के उपाय के बारे में जानते हैं. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने बर्नआउट सिंड्रोम से बचने के लिए 3S फॉर्मूला दिया है यानी स्टैंडिंग, सिटिंग और स्ट्रेचिंग. ऑफिस में काम करने के घंटों को 30-30 मिनट में बांट लीजिए और हर 30 मिनट में 20 मिनट बैठकर काम कीजिए, 8 मिनट खड़े होकर फिर 2 मिनट स्ट्रेचिंग कीजिए.
योग-ध्यान-प्राणायाम- अब चलिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के बारे में जानते हैं. ब्लड प्रेशर पर काबू पाने के लिए योग-ध्यान-प्राणायाम की मदद ली जा सकती है. हाइपरटेंशन पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो ब्रेन हैमरेज का खतरा बढ़ सकता है. हाइपरटेंशन के कारण वेन्स में दबाव बढ़ता है, दिमाग की नसें फट जाती हैं, खून निकलने लगता है और ब्रेन हैमरेज हो जाता है. हाई बीपी से ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेल और डिमेंशिया का खतरा भी बढ़ सकता है.
हाई बीपी के लक्षण-बचाव- हाई बीपी के लक्षणों में बार-बार सिरदर्द, मानसिक तनाव, सांस लेने में दिक्कत, नसों में झनझनाहट, चक्कर और तेज धड़कन जैसे लक्षण शामिल हैं. अगर हाइपरटेंशन से बचने के तरीके की बात की जाए, तो अपनी डाइट हेल्दी रखें, वजन कंट्रोल करें, नमक कम लें, योग-मेडिटेशन करें और अल्कोहल बंद कर दें.
ब्लड प्रेशर पर काबू पाएं- बीपी को कंट्रोल करने के लिए खूब पानी पिएं, स्ट्रेस-टेंशन कम लें, खाना समय से खाएं, जंक फूड न खाएं, 6-8 घंटे की नींद लें और फास्टिंग करने से बचें. अगर आप चाहते हैं कि बीपी नॉर्मल रहे, तो खजूर, दालचीनी, किशमिश, गाजर, अदरक और टमाटर का सेवन करना शुरू कर दीजिए. जब बीपी हाई हो, तब शीर्षासन, सर्वांगासन और दंड-बैठक न करें.
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